NTA ने NEET पेपर लीक के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय पर ठीकरा फोड़ा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG) का पेपर लीक विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ आज उन याचिकाओं पर महासुनवाई कर रही है, जिसने पूरे देश के परीक्षा सिस्टम को हिलाकर रख दिया है. कोर्ट ने पिछली सुनवाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की थी कि ‘यह दुखद है कि NTA ने पिछले अनुभवों से कोई सबक नहीं सीखा’.
अब दोपहर एक बजे के करीब एनटीए ने अपना हलफनामा कोर्ट में पेश क‍िया. हलफनामे (Affidavit) की एक खास लाइन में NTA ने सीधे तौर पर खुद को बचाते हुए ‘पेन एंड पेपर’ (ओएमआर) मोड का ठीकरा स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) पर फोड़ दिया है.
एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट से साफ-साफ कहा है कि “नीट (UG) 2026 को ‘पेन और पेपर’ मोड में सिर्फ इसलिए कराया गया क्योंकि स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी (NMC) की योजना/नियम ही ऐसा कहते हैं. बाकी हमारे जितने भी बड़े एग्जाम्स हैं, वे सब हम पहले से ही कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में करा रहे हैं. एनटीए ने हाई-लेवल कमिटी की निगरानी में बड़े सुधारों का दावा किया. एनटीए ने अपने हलफनामा में साफ किया है कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन समिति (HLCE) की सिफारिशों को समयबद्ध तरीके से लगातार लागू किया जा रहा है.
बता दें कि यह लड़ाई अब सिर्फ चंद नंबरों की नहीं, बल्कि भारत के 22.7 लाख से ज्यादा छात्रों और उनके रात-दिन जागते माता-पिता के भरोसे की है. मेडिकल एसोसिएशंस (FAIMA और UDF) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एनटीए को पूरी तरह भंग करने या इसके शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में आमूलचूल बदलाव करने की मांग की है. छात्रों का आरोप है कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स पर जो ‘गेस पेपर’ घूम रहे थे, वे परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से 100 से अधिक सवालों में हूबहू मैच कर रहे थे.
इस चौतरफा विफलता के बीच, केंद्र सरकार 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को ‘फूलप्रूफ’ बनाने के लिए हाथ-पांव मार रही है. प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार नागरिक प्रशासन से इतर ‘भारतीय वायुसेना (IAF)’ के विमानों का इस्तेमाल करने और परीक्षा केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों (CRPF/CISF) को तैनात करने जैसे असाधारण सुरक्षा चक्र पर विचार चल रहा है. सीबीआई अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर और नासिक सहित कई शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. आज कोर्ट रूम नंबर-1 से आने वाला हर एक निर्देश यह तय करेगा कि देश में परीक्षाओं की शुचिता बचेगी या वेंडर्स और लीक सिंडिकेट्स का राज चलेगा.

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