नागपुर समेत पूरे विदर्भ में जलवायु परिवर्तन का असर अब साफ नजर आने लगा है। बीते 17 वर्षों में शहर के औसत तापमान में 1.33 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बेहद चिंताजनक है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहले जहां एक डिग्री तापमान बढ़ने में 100 साल लगते थे, वहीं अब यह बदलाव महज 15 से 17 वर्षों में हो रहा है। तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण नागपुर ‘अर्बन हीट आइलैंड’ में बदलता जा रहा है। शहर के कई इलाके जैसे इतवारी, महाल और मानेवाड़ा अब ज्यादा गर्म महसूस किए जा रहे हैं। हीट वेव की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं, जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।


