महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आ सकता है। राज्य सरकार छत पर स्थापित सौर ऊर्जा प्रणालियों और खुद उत्पन्न की गई बिजली पर शुल्क लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। इस विषय की गहराई से जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो कानूनी, आर्थिक और नीतिगत पहलुओं का अध्ययन करेगी। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव महाराष्ट्र बिजली शुल्क अधिनियम 2016 के तहत विचाराधीन है। फिलहाल, 10 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले सौर प्रोजेक्ट्स पर ‘ग्रिड सपोर्ट चार्ज’ पहले से लागू है। हालांकि, इस संभावित निर्णय को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और सौर ऊर्जा अपनाने की गति भी धीमी पड़ सकती है। समिति अगले 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद इस मुद्दे पर आगे निर्णय लिया जाएगा।


