नई दिल्ली : दुनिया भर में महंगाई से जूझ रहे देशों के लिए एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि 2027 तक एल नीनो का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बना रह सकता है, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ने की आशंका है।
फिच के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उर्वरकों (खाद) की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है। वहीं, एल नीनो की वजह से कई देशों में सूखा और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। अमेरिकी मौसम एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक एल नीनो सक्रिय रहने की 96 प्रतिशत संभावना है। ऐसे में वैश्विक खाद्य बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं और इसका असर विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी देखने को मिल सकता है। फिच ने कहा है कि केवल एल नीनो के कारण किसी देश की रेटिंग घटाना संभव नहीं है, लेकिन यदि इसके चलते आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ती है, महंगाई बढ़ती है, सरकारी वित्त पर दबाव आता है या विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावित होता है, तो संबंधित देशों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में सामान्य से बेहतर बारिश होने पर कृषि उत्पादन बढ़ने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की भी संभावना जताई गई है। फिलहाल दुनिया की नजर मौसम और उसके आर्थिक असर पर टिकी हुई है।


