मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अधिसूचित क्षेत्रों में रहने वाले सिंधी विस्थापित नागरिकों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व विभाग ने ‘विशेष अभय योजना-2025’ की अवधि बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस योजना के तहत उल्हासनगर (जिला ठाणे) को छोड़कर राज्य के अन्य अधिसूचित क्षेत्रों में स्थित सिंधी विस्थापितों की आवासीय और व्यावसायिक जमीनों के शर्तभंग को नियमित कर उन्हें फ्रीहोल्ड किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से उन हजारों परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से अपनी जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मामलों के समाधान का इंतजार कर रहे थे। कई नागरिक विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण अपनी जमीनों का नियमितीकरण नहीं करा पाए थे। अब योजना की अवधि बढ़ने से उन्हें आवश्यक दस्तावेज पूरे कर प्रक्रिया पूरी करने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिंधी विस्थापित समाज के लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। विशेष अभय योजना के माध्यम से नागरिकों को जमीन संबंधी जटिलताओं से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से सिंधी विस्थापित नागरिकों के भूमि अधिकार मजबूत होंगे और उनके वर्षों पुराने लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी। इससे संबंधित परिवारों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि अपनी संपत्ति पर पूर्ण अधिकार प्राप्त करने का मार्ग भी आसान होगा।


