नागपुर : नागपुर महानगरपालिका के उपद्रव खोज पथक ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 7 जून से 13 जून के दौरान 332 मामलों की नोंद कर 2 लाख 21 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूल किया है।
कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, कचरा फेंकने, खुले में अस्वच्छता फैलाने तथा 79 माइक्रॉन से कम प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई। हाथगाड़ी, स्टॉल, पानठेला, फेरीवाले और सब्जी विक्रेताओं द्वारा परिसर में गंदगी फैलाने के 137 मामलों में 54 हजार 800 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
दुकानदारों द्वारा सड़क, फुटपाथ और खुली जगहों पर कचरा फेंकने के 43 मामलों में 4 हजार 300 रुपये, जबकि मॉल, होटल, लॉजिंग, सिनेमा हॉल, मंगल कार्यालय और कैटरर्स से संबंधित 42 मामलों में 16 हजार 800 रुपये तथा 17 मामलों में 34 हजार रुपये का दंड वसूला गया।
इसके अलावा यातायात मार्ग अवरुद्ध करने, वाहनों व पशुओं को सड़क पर धोकर गंदगी फैलाने, निर्माण मलबा फेंकने, चिकन-मटन विक्रेताओं द्वारा कचरा फैलाने और बायोमेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डालने जैसे मामलों में भी कार्रवाई की गई। बायोमेडिकल वेस्ट के एक मामले में 25 हजार रुपये का दंड लगाया गया।
उपद्रव खोज पथक ने बिना अनुमति बिजली के खंभों पर विज्ञापन फलक लगाने, प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने, सड़क किनारे निर्माण सामग्री जमा करने, सी एंड डी कचरा फेंकने तथा होटलों द्वारा गंदगी फैलाने के मामलों में भी कार्रवाई की। इन मामलों में 50 प्रकरण दर्ज कर 3 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई उपद्रव खोज पथक प्रमुख वीरसेन तांबे के नेतृत्व में की गई।


