असम विधानसभा चुनाव के नतीजों से बाद भंवर जितेंद्र सिंह ने असम कांग्रेस के प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेज दिया है. चिट्ठी में उन्होंने चुनाव नतीजों में मिली हार की जिम्मेदारी ली है.
भंवर जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र में लिखा, ”मैं असम के प्रभारी महासचिव पद से तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं. हालिया चुनाव परिणाम बेहद निराशाजनक रहे हैं, और मैं इस परिणाम में अपनी भूमिका की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हम असम की जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके, जिनकी सेवा करने का हमने संकल्प लिया था.” उन्होंने आगे लिखा, ”मुझे सेवा करने का अवसर मिला और इस दौरान मुझ पर जो भरोसा जताया गया, उसके लिए मैं आभारी हूं. मैं असम की जनता के साथ-साथ असम के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके प्रेम और सम्मान के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध हूं और पार्टी के प्रयासों में उचित समझे जाने वाली किसी भी क्षमता में अपना सहयोग जारी रखूंगा. इस पद पर अपने पूरे कार्यकाल के दौरान आपके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद.” बता दें कि असम में सत्तारूढ़ एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है. 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को 101 सीटों पर जीत मिली. रात 10 बजे तक बीजेपी ने 81 सीट पर जीत हासिल कर ली, जबकि एक सीट पर आगे चल रही है. उसके सहयोगी दलों बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) को 10-10 सीट पर जीत मिली है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 89,434 मतों से हराकर लगातार छठी बार जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की है. विपक्षी खेमे में कांग्रेस ने 15 सीट जीतीं और चार सीट पर आगे चल रही है, जबकि बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल ने दो-दो सीट हासिल कीं. वहीं तृणमूल कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली है.


