भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो बैरियर सिस्टम गुजरात में चोर्यासी टोल पर लॉन्च

सूरत से एक ऐसी खबर आई है जो हर यात्री के सफर को बदलने वाली है। अब टोल प्लाजा पर रुकने, लंबी कतारों में खड़े रहने और समय बर्बाद करने की झंझट खत्म होने जा रही है। NH-48 पर चोर्यासी टोल प्लाजा पर देश का पहला बैरियरलेस टोल सिस्टम चालू हो गया है। यह सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि यात्रा के अनुभव को पूरी तरह से आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इस नई तकनीक को मल्टी-लेन फ्री फ्लो यानी MLFF कहा जाता है। इसमें अब गाड़ियां बिना रुके टोल से गुजर सकेंगी। टोल प्लाजा पर लगे सेंसर और कैमरे गाड़ियों की पहचान अपने-आप कर लेंगे और टोल शुल्क सीधे खाते से कट जाएगा। न कोई रुकावट, न कोई देरी, होगा बस एक स्मूथ और तेज सफर। यह बदलाव उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो रोजाना टोल प्लाजा की भीड़ से परेशान रहते थे। इस सिस्टम में FASTag के साथ ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। हाईटेक एआई कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ते हैं, जबकि RFID रीडर FASTag को स्कैन करते हैं। अगर किसी वाहन में FASTag नहीं है या काम नहीं कर रहा, तब भी नंबर प्लेट के जरिए टोल वसूली संभव है। यह दोहरी प्रणाली न सिर्फ सटीकता बढ़ाती है, बल्कि सिस्टम को और ज्यादा भरोसेमंद बनाती है। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ टोल कलेक्शन को आसान बनाना नहीं, बल्कि पूरे देश में यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम बताया है। आने वाले दिनों में यह सिस्टम देश के अन्य हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है, जिससे भारत की सड़कों पर सफर और भी तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा।

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