मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में राज्यभर में अवैध दवा कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में मुंबई के गोवंडी इलाके में स्थित एक निजी बाल चिकित्सालय पर FDA ने छापेमारी कर लाखों रुपये की दवाएं जब्त की हैं। जांच के दौरान अधिकारियों को अस्पताल परिसर में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडारण मिला।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि संबंधित अस्पताल के पास दवाओं की बिक्री के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद मरीजों और उनके परिजनों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। FDA अधिकारियों ने बताया कि दवा बिक्री से जुड़े दस्तावेज और बिल बुक भी अपने कब्जे में लिए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि दवाओं की बिक्री और बिलिंग का काम ऐसे व्यक्ति के माध्यम से किया जा रहा था, जिसके पास फार्मेसी या संबंधित तकनीकी योग्यता नहीं थी।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए बिलों में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज नहीं थीं। दवाओं के बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी तिथि जैसी अनिवार्य सूचनाओं का अभाव पाया गया, जिसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। FDA ने कार्रवाई के दौरान करीब 9 लाख रुपये से अधिक मूल्य की दवाएं जब्त की हैं। विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में अवैध दवा बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए FDA ने नागरिकों से भी अपील की है कि दवाएं खरीदते समय हमेशा वैध बिल प्राप्त करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्रशासन को दें।


