भागलपुर. भागलपुर की लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु रविवार की आधी रात एक बड़े हादसे का गवाह बना. गंगा की लहरों के बीच पिलर नंबर 133 का स्लैब जोरदार आवाज के साथ नदी में समा गया. जिससे न केवल यातायात ठप हो गया है, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क भी टूट गया है. गनीमत रही कि पुलिस और प्रशासन ने समय रहते खतरे को भांप लिया और वाहनों को रोक दिया, जिससे सैकड़ों जिंदगियां काल के गाल में समाने से बच गईं.वर्ष 2001 में उद्घाटित यह 4.7 किलोमीटर लंबा पुल सीमांचल और कोसी क्षेत्र के 16 जिलों को भागलपुर से जोड़ता है. इस हादसे ने एनएच विभाग की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों की मानें तो मरम्मत में देरी और गंगा की तेज धारा द्वारा नींव को खोखला करना इस पतन का मुख्य कारण बना. वर्तमान में प्रशासन ने मुंगेर पुल को वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है.


