ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स द्वारा ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और भारी डिस्काउंटिंग के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने आज 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस आंदोलन में देशभर के करीब 15 लाख से अधिक केमिस्ट और ड्रगिस्ट अपनी दुकानें बंद रखेंगे। हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए आपातकालीन और जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनी रहे। AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल का कहना है कि सरकार की मौजूदा नीतियां छोटे और मध्यम खुदरा दवा व्यापारियों को नुकसान पहुंचा रही हैं और अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। संगठन की मुख्य मांगों में GSR 817 अधिसूचना को रद्द करना, महामारी के दौरान लागू GSR 220 को समाप्त करना और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाना या DPCO में संशोधन कर रिटेलरों का मार्जिन बढ़ाना शामिल है ताकि वे प्रतिस्पर्धा में टिक सकें।
हालांकि कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख में दवा दुकानों के सामान्य रूप से खुले रहने की संभावना है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल सकता है, जहां हजारों केमिस्टों के शामिल होने की बात कही जा रही है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए कई जगह विशेष व्यवस्थाएं की हैं, जैसे चंडीगढ़ में कुछ मेडिकल स्टोर्स को 24 घंटे खुला रखने का निर्णय और तेलंगाना में टोल-फ्री नंबर तथा ड्रग इंस्पेक्टरों के संपर्क नंबर जारी करना, साथ ही बड़े कॉर्पोरेट मेडिकल स्टोर्स को अनिवार्य रूप से खुला रखने के निर्देश। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की दवा की कमी या कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


