नागपुर : महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में आम नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। स्वास्थ्य, ग्रामीण पेयजल, रोजगार, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने वाले कुल 6 बड़े निर्णयों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे खास फैसला नागपुर में अत्याधुनिक हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट की स्थापना का है, जिससे मध्य भारत के लाखों मरीजों को बेहतर और सटीक चिकित्सा सुविधाएं मिलने का रास्ता खुल जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना के जरिए कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों के निदान और उपचार में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और समय पर इलाज मिल सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026 को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत विभिन्न जल योजनाओं का एकीकरण कर गांवों तक स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पानी पहुंचाने के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित की जाएगी।
बैठक में महाराष्ट्र स्वचालित प्रणाली नीति-2026 को भी हरी झंडी दी गई। इस नई नीति से ड्रोन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। कृषि, हवाई और समुद्री क्षेत्रों में नई तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ अनुसंधान और कौशल विकास के अवसर भी बढ़ेंगे। डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से भारत नेट परियोजना के संशोधित क्रियान्वयन के लिए “महानेट डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड” नामक विशेष कंपनी बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।
इसके अलावा, विकसित भारत से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र रोजगार गारंटी अधिनियम में आवश्यक संशोधन करने और अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई। वहीं, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में आरक्षित सीटों से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने के लिए छह महीने की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला भी लिया गया है। मंत्रिमंडल के इन फैसलों को राज्य के स्वास्थ्य, तकनीकी विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


